Shiv Singh Yadav

युवा पुरूस्कार

शिव सिंह यादव ने आगरा वि0 वि0 से अर्थशास्त्र विषय से एम0ए0 की परीक्षा मे सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया जिसके लिए शिव सिंह यादव को गोल्ड मैडल भी प्रदान किया गया। वर्ष 1990 मे शिव सिंह यादव को उ0प्र0 सरकार का ‘‘युवा पुरूस्कार’’ भी प्रदान किया गया।


महानिदेशक, संस्थागत वित्त

वर्ष 1999 मे लोक सेवा आयोग उ0प्र0 से सहायक निदेशक, संस्थागत वित्त के पद पर चयनित होकर उत्तर प्रदेश सेवा मे आये। तदोपरान्त कुशल कार्य सम्पादन करते हुये संस्थागत वित्त विभाग मे विशेष कार्याधिकारी/संयुक्त निदेशक एवं अपर निदेशक बने। उनके द्वारा किये गये सराहनीय कार्यों को देखते हुये राज्य सरकार द्वारा उन्हें संस्थागत वित्त एवं सर्वहित बीमा निदेशालय उ0प्र0 का निदेशक बनाया गया एवं राज्य सरकार के कार्यों को त्वरित गति से सम्पादित किये जाने हेतु वर्ष 2004 मे विशेष सचिव, संस्थागत वित्त बनाया गया। इस दौरान शिव सिंह यादव द्वारा उ0प्र0 कृषि विविधीकरण परियोजना (विश्व बैंक पोषित योजना) मे अपर परियोजना समन्वयक के रूप मे भी कार्य किया गया।


टास्क फोर्स अध्यक्ष

मण्डल/जनपद स्तर पर बैंक वित्त पोषित विकासोन्मुखी/रोजगारपरक योजनाओं तथा कृषि, ग्राम्य विकास, उद्योग एवं नगरीय विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों के विकास कार्यक्रमों के प्रभावी, समयबद्ध अनुश्रवण/निरीक्षण एवं उनके कार्यों की गुणवत्ता आदि के तथ्यात्मक परीक्षण हेतु वर्ष 2005 मे प्रदेश स्तर पर गठित टास्क फोर्स का अध्यक्ष बनाया गया।

शिव सिंह यादव द्वारा विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों के अध्यक्षों के साथ बैठक कर कृषकों को प्रशिक्षित करने के उदृदेश्य से प्रदेश ही नही अपितु देश मे प्रथम बार बैंको के सहयोग से सैफई (इटावा), तिर्वा (कन्नौज) एवं लखनऊ जनपदों मे किसान प्रशिक्षण केन्द्रों/स्वरोजगार संस्थान की स्थापना करायी गयी।


हरित उत्पादकता

शिव सिंह यादव के द्वारा देश एवं प्रदेश के विकास की गति को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने उदृदेश्य से एशियन प्रोडक्टीविटी आर्गनाइजेशन द्वारा ‘‘Green Productivity and Occupational Environment Health and Safety with a focus on Risk Analysis and Management’’ विषय पर चीन गणराज्य के Taipai शहर मे दिनांक 22-26 मई, 2006 मे आयोजित वर्कशाप मे उत्तर प्रदेश एवं भारत का प्रतिनिधित्व किया गया।

ऋण जमानुपात

प्रदेश के विकास मे बैंकिंग क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान को दिशा देते हुए बैंकों के ऋणजमानुपात का गहन अनुश्रवण किया गया जिसके फलस्वरूप विगत 10 वर्षों मे अर्थात मार्च, 2003 (30%) की तुलना मे मार्च, 2015 (55%) मे 25% की बढो़त्तरी हुयी है।


किसान क्रेडिट कार्ड

शिव सिंह यादव द्वारा प्रदेश मे प्रत्येक पात्र किसान को बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराये जाने की दिशा मे सराहनीय प्रयास किया गया है। प्रदेश मे विद्यमान 800 से अधिक विकास खण्डों मे बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड वितरण हेतु मेगा कैम्पों का आयोजन कराया गया। योजना के प्रारंभ से उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ कृषक परिवारों को KCC प्राप्त हो चुके है। प्रदेश के 13 जनपदों पीलीभीत, मथुरा, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, आगरा, अलीगढ़, बलिया, इटावा, कुशीनगर, औरैया, एटा, कासगंज एवं जालौन को संतृप्त घोषित किया जा चुका है।

शिव सिंह यादव के प्रयासों के फलस्वरूप ही कृषि क्षेत्र मे 01 लाख तक के ऋणों मे स्टाम्प शुल्क के रूप मे प्रदान की गयी छूट की सीमा बढ़ाकर वर्ष 2013-14 मे रू0 10 लाख की जा चुकी है।

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों मे आवास की समस्या के निराकरण हेतु उ0प्र0 कृषि उधार अधिनियम 1973 मे आवश्यक संशोधन कराया गया, जिसके फलस्वरूप अब ग्रामीण आवास निर्माण/मरम्मत हेतु किसान अपनी कृषि भूमि बन्धक रख बैंकों से आवासीय ऋण प्राप्त कर सकते हैं।


कृषकों/बेरोजगारों युवाओं को वित्तीय सुविधा

गांवों के सर्वांगीण विकास के लिये बैंकेबुल प्रोजेक्ट तैयार कर स्थानीय कृषकों/बेरोजगारों युवाओं को वित्तीय सुविधा के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा मे कार्य करते हुये प्रत्येक जनपद के 20 गांवों का अंगीकरण अग्रणी बैंकों के माध्यम से कराया गया। इस प्रकार प्रदेश के 1500 गांवों को उनके सर्वांगीण विकास हेतु अग्रणी बैंकों द्वारा अंगीकृत किया गया है। वर्ष 2015-16 में बैंकों द्वारा (प्रति ग्रामीण शाखा - शाखा गांव) 22000 गांवों को अंगीकृत किया जा रहा है|

प्रदेश के सुदूर ग्रामीण अंचलों मे बैंकिंग सुविधाओं से वंचित लोगों को बैंकिंग सेवाओं के दायरे मे लाये जाने के उदृदेश्य से वित्तीय समावेशन को सूचना एवं तकनीकी (आई0टी0) के माध्यम से प्रभावी बनाने हेतु भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा बैंकों के माध्यम से विभिन्न सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों, वृद्धावस्था पेंशन/विधवा पेंशन/विकलांग पेंशन/छात्रवृत्ति/मनरेगा एवं अन्य सरकारी कार्यक्रमों के अन्तर्गत दी जाने वाली वित्तीय सहायता का लाभार्थियों के खाते मे सीधे अन्तरण हो इस हेतु इलेक्ट्रानिक बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली को प्रदेश मे लागू कराया गया।

ग्रामीण लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार सृजन हेतु प्रोत्साहित करने के उदृदेश्य से प्रदेश के सभी 75 जनपदों मे बैंकों से R-SETIs की स्थापना करायी गयी। इसी प्रकार ग्रामीण/अर्द्धशहरी क्षेत्रों मे बैंकिंग सेवाओं के प्रति जागरूकता तथा कौशल वृद्धि हेतु Financial Literacy & Counseling Centres की स्थापना प्रदेश के सभी जनपदों मे करायी गयी। कौशल विकास मिशन कार्यक्रम से प्रशिक्षित बेरोजगारों को मुद्रा योजना के अंतर्गत बैंको से ऋण दिलाकर स्वरोजगारी बनाया जायेगा |


नई बैंक शाखायें

प्रदेश मे बैंकों के योगदान की समीक्षा हेतु उत्तर क्षेत्र के मुख्यमंत्रियों के साथ मा0 केन्द्रीय वित्त मंत्री भारत सरकार की अध्यक्षता मे आयोजित बैठकों मे संस्थागत वित्त विभाग का प्रतिनिधित्व किया गया जिसमे विशेष रूप से प्रदेश मे राष्ट्रीय औसत से कम बैंक शाखाओं की समस्या को प्रभावी ढंग से उठाया गया। इसके फलस्वरूप दिनांक 15 जनवरी, 2013 को गवर्नर भारतीय रिजर्व बैंक के लखनऊ भ्रमण के दौरान आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की विशेष बैठक एवं मा0 मुख्यमंत्री जी से भेंट वार्ता के दौरान हुये विचार विमर्श के फलस्वरूप प्रदेश मे 31 मार्च 2015 तक बैंको ने 3252 शाखाये स्थापित कर कीर्तिमान बनाया । बीमा एवं वाह्य सहायतित परियोजना महानिदेशालय संस्थागत वित के गहन अनुश्रवण के फलस्वरूप वर्ष 2015-16 में बैंक की प्रदेश में 1000 नई शाखाये खोलेगे।


सामाजिक सुरक्षा

शिव सिंह यादव द्वारा किये गये गहन प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश के कमजोर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा का आवरण देने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों द्वारा चलायी जा रही सामाजिक सुरक्षा समूह बीमा योजनाओं की समीक्षा का कार्य अब एकीकृत रूप से संस्थागत वित्त बीमा एवं वाह्य सहायतित परियोजना महानिदेशालय मुख्यमंत्री बैंकिंग एवं बीमा हेल्पलाइन 1520 को 1 जून 2015 से संचालित कराया है। जिसमे मुख्य निम्न सुविधाये प्राविधानित है :-

  • संस्थागत वित्त, बीमा एवं वाह्य सहायतित परियोजना महानिदेशालय द्वारा बैंकिग एवं बीमा जुडी जन समस्याओं के त्वरित निदान हेतु " मुख्यमंत्री बैंकिंग एवं बीमा हेल्पलाइन – 1520 " प्रारम्भ की गयी है।
  • देश में प्रथम बार अनूठा हेल्पलाइन – 1520 है जो आम जनता / सरकार व बैंको / बीमा कम्पनियों को जोडती है।
  • बीमा योजनाओ /बैंकिंग क्षेत्र से जुडी समस्याओं के निराकरण के लिए आबंटित 1520 नंबर, टोलफ्री है।
  • हेल्पलाइन -1520 से समस्त मुख्य विकास अधिकारी /खण्ड विकास अधिकारी / बैंको /बीमा कम्पनियों के अधिकारियो को लिंक किया गया है।
  • हेल्पलाइन -1520 द्वारा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु 20 से अधिक बैंक वित्त पोषित योजनायें, 14 विभिन्न विभागों की बीमा योजनायें एवं विधवा पेंशन, वृधावस्था पेंशन, किसान पेंशन, विकलांग पेंशन, छात्रवृत्तिया एवं सबसे महत्वपूर्ण समाजवादी पेंशन योजना के लाभार्थियों को बैंको /बीमा कम्पनियों से सम्बंधित समस्याओ का त्वरित निराकरण ।
  • प्रदेश के सभी 3.12 करोड़ परिवार (20 करोड़ से अधिक से अधिक बैंक खातो के माध्यम से), वित्तीय समावेशन के अंतर्गत बैंको से जुड़े है तथा 4 करोड़ से अधिक लाभार्थी बीमा योजनाओ के माध्यम से भारतीय जीवन बीमा निगम अथवा बीमा कम्पनियों से जुड़े है, ये सभी लोग “ मुख्यमंत्री बैंकिंग एवं बीमा हेल्पलाइन – 1520 ” से अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए सम्पर्क कर सकते है ।
  • इसके अतिरिक्त सभी बैंक वित्त पोषित योजनाओ एवं सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओ की जानकारी (अर्हता /पात्रता /सुविधाओ)भी हेल्पलाइन- 1520 से प्राप्त की जा सकती है ।
  • हेल्पलाइन -1520 के संदर्भ में एक दिशा – निर्देशिका का प्रकाशन, जिसमे बैंक वित्त पोषित योजनाओ के साथ- साथ विभिन्न समाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओ के बारे में जानकारी दी गयी है इसमें बेरोजगारों को योजनाओ की जानकारी प्राप्त करने में मार्गदर्शन मिलेगा ।
  • समस्त बीमा योजनाओ के दावा प्रपत्र वेब पोर्टल पर डाले जायेंगे ।
  • बीमा योजनाओ में यदि हितधारक का अंश है तो योजना की अवधि के समाप्त होने की सुचना हेल्पलाइन – 1520 के माध्यम से एसएम्एस एलर्ट द्वारा हितग्राही को ससमय प्राप्त कराने की व्यवस्था की जाएगी ।
  • बीमा योजना से जुड़े व्यक्ति द्वारा दुर्घटना की स्थिति में सुचना हेल्पलाइन – 1520 पर दी जा सकती है । हेल्पलाइन – 1520 द्वारा उस व्यक्ति को आगे की कार्रवाई हेतु मार्ग निर्देश दिए जायेंगे ।
  • हेल्पलाइन – 1520 सभी बीमा दावो में फेसिलिटेटर रहेगा ।
  • समस्त बीमा योजनाओ के हिताधिकारियो को एक कार्ड उपलब्ध कराया जायेगा जिसमे नामित व्यक्ति का सम्पूर्ण विवरण (जैसे बैंक खाता संख्या /मोबाईल नंबर आदि) भी होगा ।
  • सभी बीमा योजनाओ के हितधारको का सम्पूर्ण विवरण हेतु डाटा सेन्टर तेयार किया जा रहा है जो हेल्पलाइन – 1520 से जोड़ा जायेगा इसका लाभ यह होगा कि यादी कोई बीमाधारक एक या उससे अधिक बीमा योजनाओ से आवृत्त होता है (जिसका ज्ञान उसे नही होता) तो उसकी जानकारी हितधारक को हेल्पलाइन – 1520 के वेब पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी ।
  • हेल्पलाइन – 1520 से बैंकिंग /बीमा योजनाओ (विशेष रूप से मा० मुख्यमंत्री जी के विकास एजेण्डा से जुड़े प्रमुख कार्यक्रम) की मानिटरिंग भी की जायेगी ताकि आम जनता को एक सुद्रढ़, पारदर्शी व्यवस्था मिल सके ।
  • अब तक हेल्पलाइन – 1520 के माध्यम से कुल 2156 व्यक्तियों द्वारा विभिन्न योजनाओ की जानकारी प्राप्त करने हेतु तथा विभिन्न बैंको /बीमा कम्पनियों से सम्बंधित शिकायतों के निस्तारण के सम्बन्ध में संपर्क किया गया । 1081 व्यक्तियों द्वारा विभिन्न योजनाओ के सम्बन्ध में जानकारी की गयी एवं समस्याओ से सम्बंधित 1075 प्रकरण दर्ज कराये गए । 529 शिकायतों का निस्तारण एवं शेष पर कार्रवाई चल रही है ।